भारतीय संविधान के 6 मौलिक अधिकार कौन कौन से हैं?
हेलो दोस्तों में अनिक कुमार पलाशिया आज फिर आपके लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आ रहा हु इस लेख में हम आपको मोलिक अधिकार से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी को हम इस लेख में देखेंगे . इसमें हम आपको भारतीय संविधान के 6 मोलिक अधिकार से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी इस लेख में देखने को मिलेगा भारतीय संविधान के 6 मौलिक अधिकार कौन कौन से हैं? BHARTIY SAMVIDHAAN KE 6 MOLIK ADHIKAR KON KON SE HAI से सम्बंधित सभी जानकारी को आप इस लेख में रखेंगे .
मौलिक कर्तव्य का महत्व
मानव अधिकार शब्द हिंदी का दो शब्द मानव + अधिकार से मिलकर बना है . मोलिक अधिकार का अर्थ अधिकारों का एक समूह होता है जिसे जिसे महत्वपूर्ण उच्च स्तर की सुरक्षा डी गई है इन अधिकारों को विशेष रूप से एक सविंधान के रूप में पहचाना जाता है और यह कानून की देय प्रक्रिया के तहत पाया जाता है .
सविधान के भाग 3 में अनुच्छेद 12 से 35 तक मोलिक अधिकारों का विवरण है वास्तव में मूल अधिकार के सम्बंद में जितना बड़ा , जितना विस्तृत विवरण हमारे संविधान में प्राप्त होता है उतना विश्व की किसी देश में नहीं मिलता है चाहे वह अमेरिका ही क्यों ना हो .
हमारे देश में प्रत्येक व्यक्ति को अपना जीवन जीने का अधिकार है सरकार दुवारा प्रत्येक व्यक्ति के लिए कुछ अधिकार निहित किये गए है . जो उस व्यक्ति से किसी भी प्रकार से छीने नहीं जा सकते है इससे प्रत्येक व्यक्ति के लिय समानता का अधिकार , सम्मान , राष्ट्रिय , एकता को सम्लित किया गया है
मौलिक अधिकार की विशेषता
- समानता का अधिकार [ अनुच्छेद 14 से 18 ] तक
- स्वतंत्रता का अधिकार [ अनुच्छेद 19 से 22 ] तक
- शोषण के विरुद्ध अधिकार [ अनुच्छेद 23 से 24 ] तक
- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार [ अनुच्छेद 25 से 28 ] तक
- संस्कृतिक एवं शेक्षणिक अधिकार [ अनुच्छेद 29 से 30 ] तक
- सम्वैधिक उपचारों का अधिकार [ अनुच्छेद 32 ] .
वर्तमान में मोलिक अधिकार में 6 अधिकार मूल रूप से सम्लित है इन 6 मोलिक अधिकार का वर्णन से पहले यहाँ जानना आवश्यक है की इन मोलिक अधिकार में एक अधिकार और सम्मलित था सम्पति का अधिकार [ अनुच्छेद 31 ] 300 - क के तहत इसे कानूनी अधिकार बना दिया गया है इस तरह वर्तमान में 6 मूल अधिकार है .
मौलिक अधिकार कितने हैं
1 . समानता का अधिकार [ अनुच्छेद 14 से 18 ]
मोलिक अधिकारो में समानता का अधिकार का जिक्र है इसके मुतावित हर व्यक्ति कानून की नजर में बराबर है यदि सरकार कोई ऐसा कानून बनता है जो एक जैसे नागरिक पर एक जैसे प्रभाव नहीं डालता तो उसे रद कर दिया जाता है अनुच्छेद 14 समानता की व्यापक परिभाषा देता है इस तरह की समानता भारत में रहे व्यक्ति को हासिल होनी चाहिए चाहे वह भारत का नागरिक हो या नहीं हो .
- विधि के समक्ष समानता एवं विधि का समान सरक्षंण का अधिकार [ अनुच्छेद -14 ]
- किसी भी धर्म , मूल , वंश ,लिंग और जन्म के स्थान के आधार पर भेदभाव के विरुद्ध अनुच्छेद 15 में है .
- लोक नियोजन के विषय में अवसर की असमानता का अधिकार [ अनुच्छेद 16 में है .
- अप्रस्यता का अंत और उसका आचरण निषेद का अधिकार [ अनुच्छेद 17
- सेना व विद्या सम्बन्धी सम्मान के सिवाय सभी उपाधियो पर रोक का अधिकार [अनुच्छेद 18]
2 . स्वतंत्रता का अधिकार [ अनुच्छेद 19 से 22 तक ]
मोलिक अधिकार की सूचि में दूसरा अधिकार , स्वतंत्रता का अधिकार है स्वतंत्रता का अधिकार एक ऐसा अधिकार है जिसमे देश में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छा से अपना जीवन स्वतंत्र रूप से जीने का हक़ हो . अनुच्छेद 19 से 22 तक सरकार दुवारा स्वतंत्रता का अधिकार के कुछ विशेष अधिकार की सूचि दी गई है .
इस अधिकार के तहत सभी नागरिक को 6 अधिकारों की ग्यारंटी या सुरक्षा दी गई है [ अनुच्छेद -19 ]
- वाक्य एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार .
- शांति पूर्वक और नीरा युद्ध सम्मेलन का अधिकार .
- संगम , संग या सरकारी समितिया बनाने का अधिकार .
- भारत के राज्य क्षेत्र में सर्वत्र आबध संचरण का अधिकार .
- इस अधिकार के तहत सभी नागरिको को 6 अधिकारों की ग्यारंटी या सुरक्षा दी गई है [ अनुच्छेद - 19 ]
- वाक्य एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार .- 19 [a ]
- शांति पूर्वक और निरा युद्ध सम्मेलन का अधिकार . -19 [B ]
- संगम , संघ या सरकारी समितिया बनाने का अधिकार .-19 [C ]
- भारत के राज्य क्षेत्र में सर्वत्र आबद्ध संचरण का अधिकार .- 19 [ D ]
- भारत के राज्य क्षेत्र के किसी भाग में निर्बाध घुमने और बस जाने या निवास करने का अधिकार .-19 [ E ]
- कोई भी वृत्ति व्यापार या कारोबार करने का अधिकार .- 19 [F/G ]
अनुच्छेद 20 :- अपरादो के लिए दोषसिद्ध के सम्बन्ध में सरक्षण .
अनुच्छेद 21 ;- प्राण एवं देहिक स्वतंत्रता का सरंक्षण .
अनुच्छेद 21 [ क ] :- राज्य 6 से 14 वर्ष समस्त बच्चो नि : शुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा उपलब्द कराएगा .[ 86 वा संसोधन 2002 के दुवारा ] .
अनुच्छेद 22 :- कुछ दशाओ में गिरफ़्तारी और निरोध में सरंक्षण .
3 . शोषण के विरुद्ध अधिकार :- अनुछेद 23 से 24 तक ]
- अनुच्छेद 23 में मानव के दुर्वयवहार और बलात श्रम की जानकारी .
- अनुच्छेद 24 में बालको के नियोजन का प्रतिषेध .
4 . धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार :-[ अनुच्छेद 25 से 28 तक ]
अनुच्छेद 25 में किसी भी धर्म को मानने , उसका प्रचार करने की स्वतंत्रता .
अनुच्छेद -26 इसमें धार्मिक कार्यो के प्रवंध की स्वतंत्रता .
5 .संस्कृतिक और शिक्षा सम्बन्धी अधिकार [ अनुच्छेद 29 एवं 30 तक ]
अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यक हितो का सरक्षण -
अनुच्छेद 30 शिक्षा संस्थाओ की स्थापना एवं प्रबंधन करने का अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकार .
6 . सम्वैधिक उपचारों का अधिकार :- [ अनुच्छेद -32 ]
''संबैधानिक उपचारों का अधिकार '' को डा . भीमराव अम्बेडकर ने सविधान की आत्मा कहा है .
अनुच्छेद 32 :- इसके तहत मोलिक अधिकारो को प्रवातित करने के लिए समुचित कार्यवाहिक दुवारा उच्चतम न्यायालय में आवेदन करने का अधिकार प्रदान किया गया है
महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर :-
1 . मोलिक अधिकार के बारे में जानकारी मिलती है
ANS - भाग -3 .
2 . मोलिक अधिकार की जानकारी किस अनुच्छेद में मिलती है
ANS - 12 से 35 अनुच्छेद तक .
3 . भारतीय सविधान में किस प्रकार के मोलिक अधिकार पर अधिक बल दिया जाता है
ANS - आर्थिक एवं सामाजिक .
4 . सविंधान में प्रदत मोलिक अधिकार को संसोधित करने का अधिकार मात्र
ANS - संसद को है .
5 . सम्पति का अधिकार है
ANS - एक विधिक अधिकार है
6 . किसे सविंधान दुवारा मोलिक अधिकार को लागु करने की शक्ति दी गई है
ANS - सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों को
7 . स्वतंत्रता के मोलिक अधिकार में शामिल है -
ANS ;-
- प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता
- बंदीकरण एवं नजरबन्द के विरुद्ध सरंक्षण
- विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता .
8 . मोलिक अधिकार की रक्षा की व्यवस्था किस अनुच्छेद के अंतर्गत की गई है
ANS -अनुच्छेद 32 .
9 .- मोलिक अधिकार '' सविंधान की चेतना '' है उक्त कथन किसका है
ANS - अम्बेडकर
10 . भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस दुवारा मोलिक अधिकार की मांग किस अधिवेशन में किया गया
ANS - 1931 के कराची अधिवेशन में .
11 . मोलिक अधिकार की सुरक्षा के लिए स्थगन आदेश जारी करने का अधिकार उच्च न्यायलय को किस अनुच्छेद के तहत दिया गया है
ANS - अनुच्छेद 226 में .
12 . मूल अधिकार को सर्वप्रथम पूर्ण सवैधानिक स्थर प्राप्त हुआ
ANS ;- - अमेरिका
13 . भारतीय सविंधान मान्यता देता है
ANS ;- - धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यको को .
14 . नागरिको दुवारा अपने मूल अधिकारों की रक्षा की जा सकती है
ANS - सुप्रीम कोर्ट में जाकर जो उपयुक्त रित जारी करती है .
15 . अनुच्छेद 352 के तहत आपात काल लागु होने की स्थिति में कोन सा मोलिक अधिकार निलम्बित नहीं होता है -
ANS ;- अपराधो में दोषी सिद्ध होने पर रक्षा .
16 .अनुच्छेद 19 के तहत प्राप्त अधिकारों में कोन सम्लित नहीं है
ANS ;- - प्रेस की स्वतंत्रता .
17 . सविंधान के खण्ड तीन में वर्णित कोन सा अनुच्छेद इसके धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर बल देता है
ANS - अनुच्छेद 25 से 28 तक .
18 .मोलिक अधिकारो को अनुमति है
ANS - सविंधान की .प्रतिषेद का रित सर्वोच्य
19. न्यालय अथवा उच्च न्यालय के दुवारा किसके खिलाफ जारी किया गया है
ANS - न्यायिक अथवा अर्द्धन्यायिक अधिकरणों के खिलाफ .
20 . भारतीय सविंधान दुवारा कोन सी स्वतंत्रता की ग्यारंटी नहीं दी गई है
ANS .- संपत्ति रखने , खरीदने और विक्रय करने की स्वतंत्रता .
21 . आपात काल के दोरान कोनसा मोलिक अधिकार स्थगित नहीं होता है
ANS ;- - अनुच्छेद -20 और अनुच्छेद 21 .
हेलो दोस्तों में अनिल कुमार पलाशिया एक बार फिर आपके लिए एक महत्वपूर्ण पोस्ट लेकर आया हु यह पोस्ट मानव अधिकार और उससे सम्बंधित सभी जानकारी को लेकर आया हु आप इस पोस्ट का अध्यन करे .भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार और कर्तव्य FUNDAMENTAL RIGHT AND DUTIES OF INDIA मौलिक कर्तव्य का महत्व मौलिक अधिकार की विशेषता स्वतंत्रता का अधिकार
धन्यवाद .
अनिल कुमार पलाशिया
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